... तो कोई नहीं है रोकने वाला!

2005 के वो दिन याद आते हैं जब मुझे आईआईएमसी के एंट्रेस देने थे। दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर झारखंड के मेरे छोटे से कस्बे में आईआईएमसी का नाम किसी ने शायद ही सुना था। मुझे भी झटके में आईआईएमसी के बारे में जानकारी मिली थी और फिर पता भी नहीं चला कि कैसे झटके में ही यहां पहुंच गया। कोई प्रोपर तरीके से तैयारी नहीं की थी क्योंकि एंट्रेस पेपर का कोई फॉर्मेट-फॉर्मूला मुझे पता ही नहीं था। बस अखबारों-पत्रिकाओं से पुराना नाता था, उसे बरकरार रखा और लिखने-पढ़ने का क्रम जारी रखा। यहां ये सब बताने का मकसद सिर्फ इतना है कि आईआईएमसी पहुंचना कोई बहुत बड़ी बात नहीं। बस थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत होती है। खबरों की दुनिया से वास्ता रखना होता है।
पिछले कुछ सालों के आईआईएमसी के जर्नलिज्म के एंट्रेस पेपर का कंटेंट एनालिसिस किया जाए तो एक फॉर्मेट समझ में आता है। जरूरी नहीं कि ये कोई यूनिवर्सल फॉर्मेट ही हो लेकिन इसपर एक नजर मार लिया जाए तो बहुत घाटे का सौदा नहीं रहेगा। पिछले सालों के पेपर के कंटेंट एनालिसिस के आधार पर हम जर्नलिज्म के पेपर को चार भागों में बांट सकते हैं।

01. करेंट अफेयर्स
आईआईएमसी का इम्तिहान पत्रकारिता प्रशिक्षण के लिए होता है इसलिए हर परीक्षार्थी से ये उम्मीद की जाती है कि वो देश-दुनिया में हो रही घटनाओं-परिघटनाओं से परिचित हो। एंट्रेस पेपर का एक बड़ा हिस्सा करेंट अफेयर्स से ही जुड़ा होता है। अगर हम करेंट अफेयर्स के हिस्से को थोड़ा और विस्तार से देखें तो इसके भी कुछ उपभाग हो सकते हैं।

क. शॉर्ट क्वेश्चन
देखा जाता है कि कुछेक हस्तियों, घटनाओं, जगहों का नाम देकर पूछा जाता है कि आखिर ये सुर्खियों में क्यों थे। ऐसे करीबन 10 सवाल पूछे जाते हैं। दो-दो नंबर के जिन्हें 25-30 शब्दों में लिखना होता है। जाहिर तौर पर इसे अच्छी तरह से लिखने के लिए जरूरी है कि आप हर खबर, हर घटना और हर चर्चित शख्सियत के बारे में अपडेट रहें। यहां आपको विस्तार से चीजें नहीं बतानी होतीं बल्कि कम शब्दों में ज्यादा बेहतर बताना होता है इसलिए यहां लफ्फाजी नहीं चलेगी। सीधे-सीधे टू-द-प्वाइंट जवाब देना होगा। और अगर आपने सभी 10 सवाल कर लिए और बेहतर तरीके से कर लिए तो यकीन जानिए कि आप अच्छे मार्क्स इस सेगमेंट में ला सकते हैं।

ख. राष्ट्रीय मुद्दे
करेंट अफेयर्स पार्ट में ये भी एक बड़ा मसला है। देशभर की बड़ी गतिविधियों पर सवाल होते हैं और ये ज्यादा मार्क्स के लिए होते हैं। इनके जवाब आपको 400-500 शब्दों में भी देने होते हैं। इन दिनों नेशनल इश्यू में आप देखें तो महिला आरक्षण बिल, नक्सलवाद की समस्या, राइट टू एडुकेशन जैसे अहम मुद्दे सामने आ रहे हैं। आपसे इन मुद्दों के बारे में पूछा जा सकता है। सवाल सीधे-सीधे भी हो सकते हैं या घुमा-फिराकर भी पूछा जा सकता है। आपके विचार जाने जा सकते हैं या फिर किसी मसले के पक्ष-विपक्ष या फिर दोनों पहलुओं के बारे में पूछा जा सकता है।

ग. राजनीतिक मुद्दे
राजनीतिक मुद्दों पर भी अहम होते हैं और इसपर भी पूछा जा सकता है। राजनीति का अपराधीकरण और अपराध का राजनीतिकरण से लेकर तात्कालिक राजनीतिक मुद्दों पर भी सवाल हो सकते हैं। अगर हालिया घटनाक्रम पर नजर डालें तो बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन से लेकर ‘क्रिकेट पॉलिटिक्स’ तक पर जानकारी मांगी जा सकती है।

घ. अंतरराष्ट्रीय मुद्दे
आईआईएमसी के इम्तिहान में जितना जोर राष्ट्रीय मुद्दों पर होता है उतना ही अंतरराष्ट्रीय मसले भी अहम होते हैं। दुनिया में घटने वाली बड़ी-बड़ी परिघटनाओं से लेकर दो देशों के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल हो सकते हैं। ज्यादा जोर भारत और पड़ोसी देशों और एशियाई मुल्कों की स्थितियों-परिस्थितियों पर भी होता है। भारत-अमेरिका संबंधों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों-बैठकों पर भी सवाल पूछे जाते हैं।

02. मीडिया-विमर्श
आप देश के शीर्ष मीडिया संस्थान में दाखिला लेना चाह रहे हैं और मीडिया के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने जा रहे हैं इसलिए लाजिमी है कि मीडिया से संबंधित हलचलों से आप रू-ब-रू रहें। हर साल मीडिया से जुड़े कुछ-ना-कुछ सवाल होते हैं जिसके मार्फत आपकी मीडिया से संबंधित समझ को परखने की कोशिश की जाती है। इन दिनों ‘पेड न्यूज’ की खूब चर्चा है सो इसी तरह से मीडिया से जुड़े मुद्दों पर आपकी राय जानी जा सकती है। इसलिए मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें।

03. पारंपरिक-क्रिएटिव
पत्रकारिता एक तरह से लिखने का धंधा है। आप कैसा लिखते हैं ये भी एंट्रेंस में जानने की कोशिश की जाती है। ऐसे सवाल हल्के नजर आते हैं लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। भाषा, सोच-समझ सबका दर्पण होता है ये सेक्शन। जैसे आपसे पूछा जा सकता है कि आपने जर्नलिज्म फील्ड ही क्यों चुना? आपसे आपके पसंदीदा समाचार-पत्र, चैनल, टीवी शो के बारे में भी पूछा जा सकता है। कई बार आपसे आपके संस्मरण भी पूछे जाते हैं मसलन ट्रेन यात्रा, किसी हादसे का आंखों देखा हाल। ऐसे सवालों को लिखने के लिए जरूरी है कि आप लगातार घर में प्रैक्टिस करें। कुछ-ना-कुछ लिखते रहें। कम-से-कम दिनभर की डायरी ही सही।

04. अनुवाद-संक्षेपण
हाल-फिलहाल से ये अंतिम भाग के तौर पर जर्नलिज्म के पेपर में पूछा जाता है। एक पैसेज देकर या तो उसका हिन्दी में अनुवाद करना होता है या फिर अंग्रेजी में उसका संक्षेपण करना होता है। ये करीब 20 मार्क्स का होता है इसलिए इसकी उपेक्षा करना खतरे से खाली नहीं। इस पार्ट को बेहतर तरीके से डील करने के लिए लगातार अभ्यास की जरूरत है। इसलिए अंग्रेजी अखबार को लेकर हर रोज अनुवाद करने की प्रैक्टिस करें। इससे मीडिया की शब्दावली से आप परिचित भी होते चले जाएंगे और पेपर देते वक्त आसानी होगी। चूंकि पैसेज बड़ा होता है और उसे कम करके लिखना होता है इसलिए जरूरी है कि उसे दो-तीन बार पढ़कर ये तय कर लें कि किस भाग को लेना है और किस भाग को छोड़ना है। सीधे-सीधे शब्दों के अनुवाद की जरूरत नहीं होती है बल्कि भाव-अनुवाद पर जोर देना चाहिए। मार्क्स के हिसाब से चूंकि ये सेक्शन बेहद अहम है इसलिए इसे आखिरी में हल करने की भी कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि आखिरी में आपके पास वक्त कम होता है और आप हड़बड़ी में गड़बड़ी भी कर सकते हैं।

यहां एक बात ये जरूर कहना चाहिए कि आईआईएमसी का एंट्रेंस पास करने के लिए जितना जरूरी पढ़ना है उससे कहीं ज्यादा जरूरी लिखना है। केवल दो घंटे के इम्तिहान में आपको पच्चीसियों सवाल के जवाब लिखने होते हैं इसलिए आप गांठ बांध लें कि जितना पढ़ेंगे उससे कहीं ज्यादा लिखेंगे।
ऐसा किया तो फिर रोकेगा कौन?

शुभकामनाओं के साथ,
- संदीप कुमार
(लेखक आईआईएमसी हिन्दी पत्रकारिता के छात्र रहे हैं। 2005-06 बैच के टॉपर संदीप दिल्ली पहुंचने से पहले प्रभात खबर के साथ काम कर चुके थे। पहला ब्रेक स्टार न्यूज में। फिलहाल आजतक में।)
[see also- http://iimccounselling.blogspot.com/2010/04/blog-post_20.html]

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SUPPORT Classroom Guidance Program is on Full Swing...

Hi Friends,

SUPPORT Classroom Guidance Service has been started. We have discussed the pattern of IIMC Entrance Paper. IIMC Aspirants asked many queries regarding Entrance Exam and we attempted our best to satisfy them. We have already started topicwise discussion and workshop with lot of sample tests as well. If u need any assistance regarding IIMC Entrance Paper, Feel free to call & come, mail & meet. We will respond u quickly because SUPPORT is a forum of Ex-IIMCians for the support of IIMC Aspirants.

मित्रों,
सपोर्ट का क्लासरूम गाइडेंस प्रोग्राम शुरू हो गया है। हमने आईआईएमसी एंट्रेस पेपर के पैटर्न पर बात की। छात्रों ने कई तरह के सवाल पूछे। हमने उनकी जिज्ञासाएं शांत करने की पूरी कोशिश की। हम अलग-अलग टॉपिक पर सिलसिलेवार तरीके से चर्चा कर रहे हैं। साथ ही वर्कशॉप और सैंपल टेस्ट भी चल रहे हैं। ऐसा इसलिए ताकि छात्रों को परीक्षा के हिसाब से तैयारी का माहौल मिले। सपोर्ट में प्रवेश परीक्षा के लिहाज से सही और पूरी जानकारी दी जाएगी और इसकी वजह ये है कि सपोर्ट, आईआईएमसी पासआउट्स का फोरम है जो पहले के सालों में यहां की प्रवेश परीक्षा पास कर चुके हैं। एंट्रेंस को लेकर किसी भी जानकारी के लिए कॉल या मेल करने में बिल्कुल भी ना हिचकें।

Class & Centre-
SUPPORT
CAAS Premises, F-92,
3rd Floor, Hanuman Mandir Market
Behind- Munirka Bus Stand
Munirka, New Delhi-67.
Mobile- 9868774665, 9718121467
Mail- support4iimc@gmail.com

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Tips for IIMC's ADPR Aspirants

Dear Friends,
Indeed, it’s not a surprise that cracking IIMC requires smart and creative writing but the art of articulation and rhetoric does not come overnight.
This is a suggestion for all my budding aspirants that to excel the writing skills and especially with respect to advertisement and public relations domain one should read and write on anything in the language they are appearing for exam.
Since this mantra is well experienced on my self that’s why I felt to share with you.
LET US BEGIN WITH THE VARIOUS STEPS INVOLVED
Pick any main-line dailies.
Read the most preferred section from it, which ever you wished for -: sports, city, national, international. When we begin with our choice we feel the interest in performing that exercise.
Then on any news on which you want to express something,write that expression on a piece of paper(in a para or essay format).
Share that piece of writing with anyone amongst family and friends but better in comparison to you( expert of that language).
Consistent practice of it ….. will make you feel the difference in a week.
Later, switch to the editorials, gradually it will help you to gain information and a mature and control writing skill on it.
Also, above all be a good observant and absorbent for the surrounding and chronicle activities that happen around.
Best of Luck!

Shivani Gupta
SUPPORTian-2009
Working with ZZebra Public Relations (Delhi)
see my blog- http://blogs.bigadda.com/shi4500321/

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IIMC is Calling... R U Ready?

Indian Institute of Mass Communication is considered as a Premier Journalism & Advt-PR School of India. Based in New Delhi and Dhenkanal (Orissa) IIMC has produced numerous personalities in media & advertising-pr field.
IIMC has been announced Admission Notices for the academic session of 2010-11.Go to links given below.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन भारत में पत्रकारिता और विज्ञापन-जनसंपर्क की पढ़ाई का प्रमुख संस्थान माना जाता है। नई दिल्ली और ढेंकानाल (उड़ीसा) में स्थित आईआईएमसी कैंपस से पढ़कर पत्रकारिता और विज्ञापन-जनसंपर्क क्षेत्र में कई लोगों ने खास मुकाम हासिल किया है।
सत्र 2010-11 के लिए आईआईएमसी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बारे में आप इन लिंक्स को क्लिक करके पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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SUPPORT Classroom (2009)

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